आपने पहले एपिसोड में देखा होगा कि अर्जुन किस तरह से ऋषभ और बाकी परिवार से घुल मिल जाता है अर्जुन प्रीता से वैसे ही जा सकता है जैसे कि पहले करण प्रीता से झगड़ते था और प्रीता उससे कहती है कि तुम तो ऐसा रिएक्ट कर रहे हो जैसे कि तुम मुझे बरसों से जानते हो ।

जब-जब अर्जुन प्रीता के पास आता है तब तब प्रीता को अपने आसपास करण के होने का एहसास हो जाता है लेकिन प्रीता यह नहीं समझ पाती है कि जब अर्जुन उसके आसपास होता है तो प्रीता को अपने आसपास करण की होने का एहसास क्यों होता रहता है उसे ऐसा क्यों लगता है कि कहीं ना कहीं करन उसके आसपास ही है और उसे देख रहा है।जैसा की करण यहां पर अर्जुन बनकर सिर्फ और सिर्फ ऋषभ और प्रीता से बदला लेने के लिए आया है पर प्रीता के पास जाते हैं उसे पता नहीं क्या हो जाता है और वह अपने इमोशंस पर कंट्रोल नहीं कर पाता है अर्जुन या भी नहीं झुठला सकता की करण अब भी प्रीता से उतना ही प्यार करता है जितना कि पहले करता था उसे या नहीं पता है कि ऋषभ और प्रीता की जो बेटी काव्या है वाह ऋषभ और प्रीता की नहीं बल्कि करण की बेटी है वाह अर्जुन बनकर इस परिवार से इतना घुल मिल जाता है कि उसे देख कर सब को करण की याद आने लगती है।

ऋषभ की बुआ करीना बुआ कहती है कि जब ऋषभ और अर्जुन को एक साथ देखती हूं तो ऐसा लगता है जैसे कि दोनों सगे भाई हैं दोनों इतनी अच्छी तरीके से साथ रहते हैं और इतनी जल्दी आपस में इतना घुल मिल गए हैं कि लगता ही नहीं है कि यह दोनों सगे भाई नहीं है यह सुनकर प्रीता अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पाती है और तेजी से चिल्लाकर कहती है कि मेरे करण का कंपैरिजन किसी और के साथ क्यों किया जा रहा है इस घर में क्यों सबको यही लगता है कि अर्जुन करण के जैसा है । क्यों कोई यह नहीं समझ पा रहा है कि मेरे करण की जगह कोई और ले ही नहीं सकता है ।अर्जुन को देखकर प्रीता को बार-बार करण की याद आती है जिससे वह अंदर से बहुत दुखी हो जाती है करण को याद करके वह बार-बार टूटती रहती है वह अपने घर वालों से कहती है कि आपने कैसे सोच भी सकते से सकते हैं अर्जुन कर्ण के जैसा हो सकता है या कंपैरिजन कैसे कर सकते हैं आप लोग ना तो वह मेरे घर वाला है और ना ही मेरा कोई सगा और ना ही वह करण है । तो आप लोग प्लीज करण का कंप्रेसर अर्जुन के साथ मत करिए ।
अर्जुन करण की जगह कभी भी नहीं ले सकता है। प्रीता को ऐसे बोलते हुए देखकर सब लोग परेशान हो जाते हैं प्रीता करण के लिए अंदर से हर रोज टूटती रहती है बिखरती रहती है उसे करण की याद दिन रात सताती रहती है वह अपने करण को नहीं भूल पा रही है ।अर्जुन को तो यही लगता है ना कि वह अपने भाई ऋषभ और पत्नी प्रीतासे बदला लेने के लिए आया है परवाह प्रीता के लिए जो फील करता है जो प्यार महसूस करता है वह नहीं समझ पा रहा है लेकिन क्या अर्जुन यह सच जान पाएगा कि उसके परिवार को बिखेरने के पीछे ऋषभ और उसकी पत्नी प्रीता का हाथ नहीं बल्कि शर्लिन और पृथ्वी थे और क्या प्रीता अर्जुन ही करंट है या सच जान पाएगी क्या वह अपने आसपास करण के होने की मौजूदगी को सच में बदल पाएगी अर्जुन प्रीता को चोट पहुंचाने के लिए आगे क्या करता है यह हमारी अगली अपडेट में और आपको पढ़ने को मिलेगी आगे की जानकारी के लिए आप हमारी अपडेट को पढ़ते रहिए और कैसी लगी हमारी आज की यह आर्टिकल हमें कमेंट करके जरूर बताइए ।