वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, धन, सुख, संतान और भाग्य का कारक माना जाता है। जब भी बृहस्पति अपनी राशि बदलते हैं, तो उसका प्रभाव सभी राशियों और लोगों के जीवन पर पड़ता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, वर्ष 2026 में बृहस्पति का गोचर कर्क राशि में हो रहा है। कर्क राशि में बृहस्पति को उच्च का माना जाता है, इसलिए यह गोचर कई लोगों के लिए शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है।
इस दौरान कुछ विशेष उपाय करने से बृहस्पति ग्रह की कृपा प्राप्त की जा सकती है। इन्हीं उपायों में से एक है “दो जून की रोटी” का दान। इसका अर्थ है कि जरूरतमंद लोगों को दिन में दो समय भोजन उपलब्ध कराने का प्रयास करना या उन्हें भोजन का दान देना।

मान्यता है कि गरीबों, भूखे लोगों और जरूरतमंदों को भोजन कराने से गुरु ग्रह मजबूत होता है। इससे व्यक्ति के जीवन में आर्थिक स्थिरता, मान-सम्मान और सुख-समृद्धि बढ़ सकती है। साथ ही परिवार में खुशहाली और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।
ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि बृहस्पति के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए पीली वस्तुओं का दान, भगवान विष्णु की पूजा, गुरुवार का व्रत और धार्मिक कार्यों में भाग लेना भी लाभकारी माना जाता है।
बृहस्पति के कर्क राशि में प्रवेश के समय यदि कोई व्यक्ति नियमित रूप से जरूरतमंदों को भोजन कराता है, तो उसे विशेष पुण्य फल प्राप्त हो सकता है। यह उपाय न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, बल्कि समाज सेवा का भी एक अच्छा माध्यम है।
हालांकि ज्योतिषीय उपाय व्यक्ति की आस्था पर आधारित होते हैं। इसलिए इन्हें श्रद्धा और विश्वास के साथ करने की सलाह दी जाती है।